वारदात के बाद मोबाइल बंद कर फरार था, कई बार दबिश के बाद कोतवाली पुलिस ने दबोचा
जगदलपुर। फूड इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 1.91 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को बस्तर पुलिस ने दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किया है। आरोपी मंत्रालय रायपुर में अपनी अच्छी पहचान होने का दावा कर बेरोजगारों को सरकारी नौकरी का भरोसा देता था। वारदात के बाद उसने मोबाइल बंद कर लिया और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना और लगातार दबिश के बाद उसे उसके भिलाई स्थित घर से हिरासत में ले लिया। कोतवाली टीआई लीलाधर राठौर ने बताया कि आरोपी लारेन्स एन्थोनी कुज (57) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र भिलाई, जिला दुर्ग है। उसके खिलाफ थाना कोतवाली में जगदलपुर के आसना स्कूल पारा निवासी विनोद पानीग्राही (43) ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी से उसकी पहले से पहचान थी। लारेन्स ने मंत्रालय रायपुर में प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का हवाला देते हुए फूड इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इस भरोसे में आकर पीड़ित ने 24 जुलाई 2022 से 20 सितंबर 2024 के बीच गूगल पे और चेक के माध्यम से आरोपी के खाते में 1 लाख 91 हजार 500 रुपए जमा कर दिए।

पैसे लिए और फिर आज-कल करता रहा
रुपए लेने के बाद आरोपी लगातार नौकरी की सूची जारी होने का बहाना बनाकर पीडि़त को टालता रहा। जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली और आरोपी ने संपर्क करना बंद कर दिया, तब पीड़ित ने कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसपी के निर्देशन में बनी टीम और फिर…
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दुर्ग-भिलाई में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने मोबाइल के गूगल पे के माध्यम से रकम प्राप्त करना स्वीकार किया। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
ठग को पकडऩे में इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक अरुण मरकाम, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र पैकरा, आरक्षक राजू टोप्पो, विनोद चांदने, मोहन कश्यप, उज्ज्वल सिंह, रंगलाल खरे, त्रिनाथ कश्यप एवं तामेश्वर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






