- जिस फ्लाइट को शुरू करने व्यापक प्रयास हुए अब उसे लेकर बस्तर के यात्री उदासीन
72 सीटर विमान में औसत 8 यात्री ही कर रहे यात्रा
जगदलपुर। जगदलपुर से रायपुर के बीच फ्लाइट का संचालन हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह फ्लाइट इस वक्त भारी घाटे में चल रही है और विंटर शेड्यूल के दौरान इसे बंद किया जा सकता है। इस फ्लाइट को शुरू करने के लिए बस्तर जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने व्यापक स्तर पर प्रयास किए थे लेकिन अब बस्तर के यात्री इस सेवा को लेकर उदासीन नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि अब इसे बंद करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। 72 सीटर विमान का संचालन पिछले करीब चार माह से घाटे में चल रहा है। कई बार स्थिति ऐसी भी रही कि यात्रियों की संख्या बेहद कम होने के कारण विमान को क्रू मेंबर के साथ लगभग खाली ही रायपुर के लिए रवाना करना पड़ा। लगातार हो रहे नुकसान के कारण अब इस हवाई सेवा के बंद होने की आशंका जताई जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद मार्च 2026 में जगदलपुर-रायपुर हवाई सेवा दूसरी बार शुरू की गई थी। उम्मीद थी कि राजधानी आने-जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा और पर्याप्त संख्या में यात्री मिलेंगे, लेकिन चार माह बाद भी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार 72 सीटर विमान में अधिकांश दिनों में औसतन 8 यात्री ही सफर कर रहे हैं। विमान के जगदलपुर से रायपुर जाने और वापस आने में करीब 5 से 6 लाख रुपए का खर्च बताया जा रहा है, जबकि दोनों ओर से टिकटों की औसत आय महज 25 से 26 हजार रुपए के आसपास है। ऐसे में हर फेरे में एयरलाइन को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फ्लाइट को हो रहे घाटे का गणित समझिए
अनुमान के मुताबिक यदि महीने में 24 उड़ानों में औसतन 8 यात्री सफर करते हैं तो 72 सीटों वाले विमान की क्षमता का करीब 11 फीसदी ही उपयोग हो रहा है। 3,300 रुपए के औसत किराए के हिसाब से मासिक टिकट आय करीब 6.34 लाख रुपए बैठती है, जबकि 24 उड़ानों का अनुमानित परिचालन खर्च करीब 46.80 लाख रुपए है। इस तरह हर महीने करीब 40.46 लाख रुपए के घाटे का अनुमान लगाया जा रहा है।
2018 में शुरू, कई बार बंद और फिर शुरू हुई सेवा
जगदलपुर-रायपुर हवाई सेवा की शुरुआत 14 जून 2018 को केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत एयर ओडिशा ने की थी, लेकिन नवंबर 2018 में यह सेवा बंद हो गई। इसके बाद 21 सितंबर 2020 को एलायंस एयर ने इस रूट पर नियमित उड़ान शुरू की। कोरोना काल के बाद यह सेवा बस्तर को राजधानी से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम बनी। बाद में 1 अप्रैल 2024 से इंडिगो ने भी इस रूट पर उड़ान शुरू की, जबकि मार्च 2026 से एलायंस एयर की सेवा फिर शुरू हुई। हालांकि मौजूदा समय में यात्रियों की बेहद कम संख्या के कारण इस रूट का संचालन एयरलाइन के लिए आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है।






