सुबह बहनों की कलाई पर सजा भाईचारे का धागा….शाम होते ही बदला शहर का रंग
जगदलपुर। रक्षाबंधन का त्योहार शहर में दिनभर भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक मिलन के बीच मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, भाइयों ने उपहार दिए और परिवारों में मिठाइयों का दौर चला। लेकिन जैसे-जैसे शाम ढली, शहर के बाजारों की तस्वीर कुछ अलग नजर आई। जहां सामान्य दिनों की तुलना में कई बाजारों में अपेक्षाकृत सन्नाटा रहा, वहीं शराब दुकानों के आसपास अचानक भीड़ बढ़ गई। रक्षाबंधन के दिन जगदलपुर में शराब की बिक्री ने चौंकाने वाला आंकड़ा दर्ज किया। THE BASTAR DIARY को मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 85 लाख रुपए से अधिक की शराब एक ही दिन में बिक गई। जगदलपुर शहर की प्रमुख शराब दुकानों में भी त्योहार के दिन शराब की जमकर खरीदी हुई। दिन में लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने में व्यस्त रहे। शाम के बाद जब लोग घरों से निकले तो शराब दुकानों के बाहर भी खरीदारों की संख्या बढ़ती दिखाई दी। कई दुकानों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक चहल-पहल रही। आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि त्योहार के माहौल में शराब की बिक्री भी बड़ी मात्रा में हुई।

राखी के बाजार में अपेक्षाकृत कम रौनक
रक्षाबंधन पर आमतौर पर कपड़े, मिठाई, राखी और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर अच्छी भीड़ रहती है। इस बार शहर के कई हिस्सों में बाजार अपेक्षाकृत शांत नजर आया। कारोबारियों के मुताबिक दिनभर लोगों की आवाजाही रही, लेकिन खरीदारी को लेकर वैसी भीड़ नहीं दिखी, जैसी त्योहार के दौरान अक्सर देखने को मिलती है। इसके विपरीत शराब दुकानों की बिक्री ने अलग तस्वीर पेश की।
85 लाख से अधिक की बिक्री ने खींचा ध्यान
त्योहार के दिन शराब की 85 लाख रुपए से अधिक की बिक्री ने बाजार के बीच एक अलग ही आंकड़ा सामने रखा है। एक तरफ परिवारों में राखी के त्योहार की खुशियां मनाई गईं, तो दूसरी ओर शाम होते-होते शराब दुकानों में बढ़ी भीड़ शहर में चर्चा का विषय बन गई। आंकड़े यह भी बताते हैं कि त्योहारों के दौरान शराब की खपत और बिक्री में किस तरह उछाल देखने को मिलता है।






