ढाका: बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का कहना है कि चीन के साथ अच्छे संबंध उनके हित में है। पीएम तारिक रहमान के करीबी माने जाने वाले मिर्जा फखरुल ने साफ कहा कि चीन जैसी ताकत को बांग्लादेश अपने साथ चाहता है। चीन आर्थिक विकास, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, निवेश और रोजगार पैदा करने में बांग्लादेश का साथ दे सकता है। मिर्जा का बयान तारिक रहमान के बीते महीने के आखिर में चीन दौरे के बाद आया है। कई एक्सपर्ट इसे ढाका के दिल्ली की जगह बीजिंग को तरजीह देने की तरह भी देख रहे हैं।
प्रथोमोलो के मुताबिक, मिर्जा फखरूल शनिवार को ढाका में ‘लॉन्ग लिव बांग्लादेश-चीन फ्रेंडशिप’ कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम बांग्लादेश-चीन फ्रेंडशिप एसोसिएशन (BCFA) ने आयोजित किया था। इसी कार्यक्रम में मिर्जा ने कह कि हम चाहते हैं कि चीन जैसी ताकत हमारे साथ खड़ी हो। हम चाहते हैं कि चीन आर्थिक रूप से हमारे साथ रहे। हमें चीनी टेक्नोलॉजी और उनके सहयोग की जरूरत है।

‘देश के विकास में चाहिए चीन का साथ’
बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल ने कहा कि चीन के साथ बांग्लादेश के संबंध ऐतिहासिक हैं, जो समय के साथ बेहतर हुए हैं। बांग्लादेश-चीन संबंध आपसी हितों पर आधारित हैं। बांग्लादेश जैसे विकासशील देश के लिए चीन की टेक्नोलॉजी, निवेश और अनुभव बहुत काम की चीज हैं। वहीं बांग्लादेश का बाजार चीन के लिए एक मौका है।
मिर्जा फखरुल ने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी के रोजगार के लिए एक औद्योगिक और टेक्नोलॉजी पर आधारित अर्थव्यवस्था बनाना जरूरी है। तकनीकी शिक्षा, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में चीन का सहयोग अहम भूमिका निभा सकता है।
‘बांग्लादेश-चीन संबंध सबसे अच्छे दौर में’
बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने इस दौरान कहा कि ढाका-बीजिंग के बीच संबंध अपने इतिहास के सबसे अच्छे दौर में हैं। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की हालिया चीन यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में मील का पत्थर साबित हुई है। इसने दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और आर्थिक सहयोग को मजबूत किया है।
याओ वेन ने कहा कि चीन बांग्लादेश के विकास के स्वतंत्र रास्ते का सम्मान करता है और बांग्लादेशियों के साथ खड़ा होना चाहता है। चीन ने बांग्लादेशी उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी आम चीनी बाजार में पहुंच चुके हैं। भविष्य में बांग्लादेश के दूसरे कृषि उत्पादों को वहां पहुंच मिलेगी।
रोहिंग्याओं की वापसी पर समर्थन
रोहिंग्या संकट पर बात करते हुए याओ वेन ने कहा कि चीन इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि चीन म्यांमार के साथ बातचीत और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाकर रोहिंग्याओं की वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में काम करने को तैयार है।
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