जगदलपुर। बस्तर संभाग में अधूरी सडक़ों के निर्माण को लेकर अब विभाग सख्त हो गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) फेज-1 के तहत अधूरे पड़े 125 निर्माण कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करना होगा। तय समय-सीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। जगदलपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ ग्रामीण सडक़ विकास अभिकरण, रायपुर के प्रमुख अभियंता केके कटारे ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। भारत सरकार ने पीएमजीएसवाई फेज-1 के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए मार्च 2027 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की है। इसी के मद्देनजर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की सडक़वार समीक्षा की गई। समीक्षा में कुल 125 कार्य अधूरे पाए गए। इनमें 83 पूर्व अनुबंधित और 42 नवीन अनुबंधित कार्य शामिल हैं।
हर महीने तय लक्ष्य के अनुसार करना होगा निर्माण

प्रमुख अभियंता केके कटारे ने सभी निर्माण कार्यों के लिए माहवार लक्ष्य निर्धारित कर मार्च 2027 तक उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में तेजी लाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए। अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और निर्माण एजेंसियों से निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा गया। समीक्षा बैठक में अधीक्षण अभियंता द्वारिका प्रसाद भुआर्य, कार्यपालन अभियंता रवींद्र ताती, वैभव देवांगन, रूपेन्द्र भुआर्य और अनिल बरेठ सहित संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। प्रमुख अभियंता ने सभी अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देशों का पालन करते हुए अधूरे कार्यों को तय समय में पूरा करने के लिए कहा।
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