राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के समक्ष प्रदर्शित हुई बस्तर की समृद्ध विरासत

जगदलपुर.जगदलपुर का लालबाग का मैदान शुक्रवार की सुबह एक अलग ही रंग ले चुका था। यहाँ मैदान का एक बड़ा हिस्सा कैनवास बन चुका था और उसमें वनोपज व अनाज रंग बन चुके थे। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के बस्तर दशहरा के मौके पर बस्तर आगमन पर यह अनोखी और अद्वितीय कलाकृति वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग की ओर से तैयार कराई गई थी। 15 से अधिक वनोपज व अनाज का इस्तेमाल करते हुए 20,700 वर्गफीट क्षेत्रफल में सुंदर आकृतियां उकेरी गई थीं। इसका अवलोकन राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं अन्य अतिथियों ने किया। वनोपज से रंगोली की विशिष्टता को देखते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से इस अद्भुत रंगोली को प्रमाणित भी किया गया। गौरतलब है कि बस्तर दशहरा के दौरान पहली बार देश के प्रथम नागरिक का आगमन माई दंतेश्वरी की धरा पर हुआ। दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुँचीं राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 23 अक्टूबर को जगदलपुर आगमन हुआ। यहाँ माई दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेने के बाद वे मुरिया दरबार में शामिल हुईं, फिर लालबाग मैदान में सभा को सम्बोधित करने पहुँचीं। उनके इस प्रवास को लेकर बस्तर में उत्साह दिखा। इसी बीच वन विभाग ने नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदलते बस्तर की तस्वीर को रंगोली के माध्यम से राष्ट्रपति के समक्ष रखा।






