धरमपुरा रोड से नयामुंडा तक सड़क निर्माण की सुस्ती पर सवाल, बारिश में बढ़ी परेशानी

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जगदलपुर। स्वच्छ और सुंदर शहर का दावा करने वाला जगदलपुर इन दिनों अपनी आधी-अधूरी और जर्जर सड़कों की वजह से चर्चा का कारण बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि शहर के किसी भी हिस्से में निकल जाएं, कहीं चौड़ीकरण के नाम पर खोदी गई सड़कें हैं तो कहीं अधूरा निर्माण और गहरे गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। बारिश के बीच ये सड़कें अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि हादसों की वजह भी बनती जा रही हैं। सबसे अधिक परेशानी धरमपुरा रोड पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य से हो रही है। सड़क निर्माण की धीमी गति और ठेकेदार की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई जगह बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों के गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

नयामुंडा रोड पर कुत्तों और सड़क की दोगुनी मुसीबत

कमिश्नर कार्यालय से आगे और हिंगलाजिन मंदिर से पहले नयामुंडा रोड पर भी अधूरा निर्माण लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के साथ यहां आवारा कुत्तों का आतंक भी बढ़ गया है। कुत्तों के झुंड से बचने के प्रयास में कई राहगीर गड्ढों और उबड़-खाबड़ सड़क पर गिरकर चोटिल हो चुके हैं।

बदहाली का जिम्मेदार आखिर कौन?

शहर की सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम, पीडब्लूडी और संबंधित निर्माण एजेंसियों की है, लेकिन लोगों का आरोप है कि काम की निगरानी और समय पर निर्माण पूरा कराने में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। बारिश के मौसम में अधूरी सड़कें कीचड़, जलभराव और धूल के कारण आम लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा रही हैं।

लगातार बिगड़ते हालात के बीच शहरवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। कई जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो जगदलपुर में भी दिल्ली जैसे जनआंदोलन की जरूरत पड़ सकती है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग एकजुट होकर जिम्मेदार एजेंसियों से जवाब मांगने की बात कर रहे हैं। शहरवासियों की मांग है कि अधूरे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों व संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।