जगदलपुर–जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोहकापाल के आश्रित गांव छिंदगांव की रहने वाली श्रीमती सुमनी कश्यप आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक नया प्रतीक बनकर उभरी हैं। कभी केवल पारंपरिक खेती-किसानी तक सीमित रहने वाली सुमनी ने अपनी मेहनत, सूझबूझ और स्व-सहायता समूह के सहयोग से सीमेंट ईंट निर्माण का एक सफल व्यवसाय खड़ा कर दिया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें गांव और आसपास के क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य निर्माण कार्यों हेतु ईंटों की बढ़ती मांग का पता चला, जिसने उन्हें इस उद्योग की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।

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इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ‘नॉन-फॉर्म’ (गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधि) घटक के तहत संकुल संगठन से 5 लाख रुपये की सीड कैपिटल उपलब्ध कराई गई। प्राप्त सहायता के साथ सुमनी ने स्वयं व समूह के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख रुपये का अतिरिक्त निवेश किया। कुल साढ़े छह लाख रुपये से अधिक की लागत से मशीनरी, शेड और फर्श निर्माण जैसी व्यवस्थाएं जुटाकर बीते अप्रैल माह से सीमेंट ईंटों का निर्माण विधिवत शुरू किया गया। ईंट बनाने के लिए आवश्यक डस्ट और गिट्टी जैसे कच्चे माल की आपूर्ति जगदलपुर व बालेंगा क्षेत्र से आसानी से हो जाती है। क्षेत्र में आवास निर्माण की अधिकता के कारण सुमनी द्वारा बनाई गई ईंटों की मांग इतनी ज्यादा है कि माल तैयार होते ही ग्राहक सीधे निर्माण स्थल से आकर ईंट ले जाते हैं। वे मात्र तीन महीनों के भीतर ही 20 ट्राली ईंटें बेच चुकी हैं।

आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद सुमनी कश्यप अब अपने बच्चों के भविष्य को भी बेहतर आकार दे पा रही हैं। उनकी बड़ी बेटी 12वीं पास करने के बाद जगदलपुर से कंप्यूटर कोर्स करने के साथ-साथ कृषि प्रवेश परीक्षा (पीएटी) की तैयारी कर रही है, जबकि उनके दो छोटे बेटे क्रमशः सातवीं और पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। सुमनी अपनी सफलता को साझा करते हुए कहती हैं कि स्व-सहायता समूह में जेंडर मास्टर के रूप में 5 हजार रुपए मानदेय पर कार्य करने और अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण सुमनी को दिल्ली तक जाने और पहचान बनाने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। खेती, दुकान और मछली पालन के बाद अब सीमेंट ईंट निर्माण से आत्मनिर्भर बनीं सुमनी कश्यप की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो ग्रामीण महिलाएं अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बन सकती हैं।